Organic Fenugreek Desi Seeds (Uttrakhand) – देसी मेथी दाना – 50gm
organic-fenugreek-desi-seeds are naturally grown without the use of synthetic chemicals or pesticides. Known for their slightly bitter, nutty flavor, they are used as a spice and for their medicinal properties. Rich in fiber, iron, and antioxidants, these seeds support digestion, metabolism, and overall wellness.
ऑर्गेनिक मेथी दाना बिना किसी रासायनिक उर्वरक या कीटनाशक के प्राकृतिक रूप से उगाया गया है। इसका हल्का कड़वा और अखरोट जैसा स्वाद इसे मसाले और औषधीय उपयोग दोनों के लिए उपयुक्त बनाता है। यह फाइबर, आयरन और एंटीऑक्सिडेंट्स से भरपूर होता है और पाचन, मेटाबॉलिज्म और संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है।
★ सर्दियों में उठायें मेथी दानों से भरपूर लाभ ★
➡ मेथीदाना उष्ण, वात व कफनाशक, पित्तवर्धक, पाचनशक्ति व बलवर्धक एवं ह्रदय के लिए हितकर है | यह पुष्टिकारक, शक्ति, स्फूर्तिदायक टॉनिक की तरह कार्य करता है | सुबह–शाम इसे पानी के साथ निगलने से पेट को निरोग बनाता है, कब्ज व गैस को दूर करता है | इसकी मूँग के साथ सब्जी बनाकर भी खा सकते हैं | यह मधुमेह के रोगियों के लिए खूब लाभदायी हैं |
➡ अपनी आयु के जितने वर्ष व्यतीत हो चुके हैं, उतनी संख्या में मेथीदाने रोज धीरे – धीरे चबाना या चूसने से वृद्धावस्था में पैदा होने वाली व्याधियों, जैसे घुटनों व जोड़ों का दर्द, भूख न लगना, हाथों का सुन्न पड़ जाना, सायटिका, मांसपेशियों का खिंचाव, बार – बार मूत्र आना, चक्कर आना आदि में लाभ होता है | गर्भवती व स्तनपान कराने वाली महिलाओं को भुने मेथी दानों का चूर्ण आटे के साथ मिला के लड्डू बना के खाना लाभकारी है |
★ मेथी दाने से शक्तिवर्धक पेय ★
दो चम्मच मेथीदाने एक गिलास पानी में ४ – ५ घंटे भिगोकर रखें फिर इतना उबालें कि पानी चौथाई रह जाय, इसे छानकर २ चम्मच शहद मिला के पियें ।
★ औषधीय प्रयोग ★
1. कब्ज : २० ग्राम मेथीदाने को २०० ग्राम ताजे पानी में भिगो दें. ५-६ घंटे बाद मसल के पीने से मल साफ़ आने लगता है. भूख अच्छी लगने लगती है और पाचन भी ठीक होने लगता है |
2. जोड़ों का दर्द : १०० ग्राम मेथीदाने अधकच्चे भून के दरदरा कूट लें | इसमें २५ ग्राम काला नमक मिलाकर रख लें | २ चम्मच यह मिश्रण सुबह- शाम गुनगुने पानी से फाँकने से जोड़ों, कमर व घुटनों का दर्द, आमवात (गठिया) का दर्द आदि में लाभ होता है | इससे पेट में गैस भी नहीं बनेगी |
3. पेट के रोगों में : १ से ३ ग्राम मेथी दानों का चूर्ण सुबह, दोपहर व शाम को पानी के साथ लेने से अपच, दस्त, भूख न लगना, अफरा, दर्द आदि तकलीफों में बहुत लाभ होता है |
4. दुर्बलता : १ चम्मच मेथीदानों को घी में भून के सुबह – शाम लेने से रोगजन्य शारीरिक एवं तंत्रिका दुर्बलता दूर होती है |
5. मासिक धर्म में रुकावट : ४ चम्मच मेथीदाने १ गिलास पानी में उबालें | आधा पानी रह जाने पर छानकर गर्म–गर्म ही लेने से मासिक धर्म खुल के होने लगता है |
6. अंगों की जकड़न : भुनी मेथी के आटे में गुड़ की चाशनी मिला के लड्डू बना लें | १–१ लड्डू रोज सुबह खाने से वायु के कारण जकड़े हुए अंग १ सप्ताह में ठीक हो जाते हैं तथा हाथ–पैरों में होने वाला दर्द भी दूर होता है |
7. विशेष : सर्दियों में मेथीपाक, मेथी के लड्डू, मेथीदानों व मूँग–दाल की सब्जी आदि के रूप में इसका सेवन खूब लाभदायी हैं
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ਆਰਗੈਨਿਕ ਮੇਥੀ ਦਾਣਾ ਬਿਨਾਂ ਕਿਸੇ ਰਸਾਇਣਕ ਖਾਦ ਜਾਂ ਕੀਟਨਾਸ਼ਕ ਦੇ ਕੁਦਰਤੀ ਤਰੀਕੇ ਨਾਲ ਉਗਾਇਆ ਹੈ। ਇਹ ਥੋੜ੍ਹਾ ਕਰਵਾਂ ਤੇ ਹਲਕਾ ਗਿਰੀਆਂ ਵਰਗਾ ਸੁਆਦ ਰੱਖਦਾ ਹੈ, ਜਿਸ ਕਰਕੇ ਇਹਨੂੰ ਮਸਾਲੇ ਅਤੇ ਔਖਧੀ ਤੌਰ ‘ਤੇ ਵਰਤਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ। ਇਹ ਫਾਈਬਰ, ਆਇਰਨ ਅਤੇ ਐਂਟੀਓਕਸੀਡੈਂਟਸ ਨਾਲ ਭਰਪੂਰ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਪਚਨ, ਮੈਟਾਬੋਲਿਜ਼ਮ ਅਤੇ ਸਿਹਤ ਲਈ ਫਾਇਦੇਮੰਦ ਹੁੰਦਾ ਹੈ।







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